Tuesday, 20 December 2011

satta ka khel

सत्ता तंत्र में खेलना भी बाजीगरी है! सब कुछ प्रायोजित..... पिछले छः महीनों से चल रहे सचिन के महा शतक अभियान ने देश की तमाम समस्याओं महंगाई, बेरोजगारी और बालमजदूरी आदि से ध्यान भंग करने की कोशिश ही की है. क्रिकेट के खेल ने देश के विकास की गति को अवरुद्ध किया है.....सरकार द्वारा इस खेल को बढ़ावा देने के पीछे यह मंशा काम करती है कि देश कि विफलताओं की तरफ देश के नागरिकों का ध्यान न जाए!    

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