Saturday, 31 December 2011

naye varsh par vishesh

जाने वाले वर्ष २०११ तुझे अल्ला हाफ़िज़- आने वाले वर्ष २०१२ को सादर प्रणाम-
नएपन का अहसास भुला देता है न जाने  कितने जख्म
हर इतिहास का पन्ना खून के धब्बों से नहीं लिखा होता l l विनय कांत l l  
 

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