नेपाली कवि चन्द्र गुरुंग की "अचेल साइरन बजेको छैन" की चंद पंक्तियाँ देखिए!
" प्रत्येक पहरहरुमा हुकूम बजेको छैन.
प्रत्येक श्वास-प्रश्वासमा
शोसणको गंध आउदैन
टायम -टायममा साइरन बजेको छैना."
मित्रों! अब मैथिलि कोकिल विद्यापति की हिंदी से मिलान कीजिए. आप नेपाली को पढ़ेंगे तो आसानी से समझ में आयेगी.
No comments:
Post a Comment