Thursday, 1 December 2011

nepali kavi chandr gurung

नेपाली कवि चन्द्र गुरुंग की "अचेल साइरन बजेको छैन" की चंद पंक्तियाँ देखिए! 
" प्रत्येक पहरहरुमा हुकूम बजेको छैन.
 प्रत्येक श्वास-प्रश्वासमा
 शोसणको गंध आउदैन
 टायम -टायममा साइरन बजेको छैना."
 मित्रों! अब मैथिलि कोकिल विद्यापति की हिंदी से मिलान कीजिए. आप नेपाली को पढ़ेंगे तो आसानी  से समझ में आयेगी.
   

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