Buddha Uvach
Tuesday, 13 December 2011
aaj ki dilli
आज की दिल्ली पर-
न कपड़ों के मिल मालिक मजे में हैं, न दरजी मजे में हैं.
नई पोशाक चलन में है, अब तो दिल्ली के मच्छर मजे में है..
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