Sunday, 8 September 2013

ऐसे हो उच्च शिक्षा में शिक्षक चयन- 
आचार्यों की प्रतिभा पर तनिक भी संदेह नहीं है। मसला विभाग में अयोग्य उत्तराधिकारियों के चयन का है। केन्द्रीय  विश्वविद्यालयों के लिए यूनियन पब्लिक एजुकेशन सर्विस का प्रावधान किया जाना चाहिए।  इसमें प्रशासनिक और शैक्षणिक अनुभागों का गठन कर विश्वविद्यालय के लिए क्रमशः प्रशासनिक अधिकारी मसलन रजिस्ट्रार इत्यादि और असिस्टैंट प्रोफ़ेसर इत्यादि को चयनित किया जाना चाहिए, ताकि आचार्यों  की मठाधीशी टूटे।     

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