हिन्दी दिवस-
सांस्कृतिक रूप से समृद्ध हिन्दी के शव दफ़न की तैयारी शुरू हो चुकी है। उच्च नौकरशाही पर काबिज इंडियन हिन्दी से मीलों दूर होते जा रहे हैं। हिन्दी वाले हिन्दी हिन्दी चिल्लाकर मलाई काट रहे हैं। धीरे धीरे हिन्दी के शब्दों को अंग्रेजी के शब्दों द्वारा विस्थापित किया जा रहा है। सवाल सिर्फ हिन्दी को बचाने का ही नहीं है सवाल हिन्दी के साथ प्रत्येक भारतीय भाषाओं की अस्मिता को संरक्षित रखने का है। जाहिर है यह काम सरकार का नहीं वरन एक अरब से अधिक भारतीय जन सैलाब का है।
सांस्कृतिक रूप से समृद्ध हिन्दी के शव दफ़न की तैयारी शुरू हो चुकी है। उच्च नौकरशाही पर काबिज इंडियन हिन्दी से मीलों दूर होते जा रहे हैं। हिन्दी वाले हिन्दी हिन्दी चिल्लाकर मलाई काट रहे हैं। धीरे धीरे हिन्दी के शब्दों को अंग्रेजी के शब्दों द्वारा विस्थापित किया जा रहा है। सवाल सिर्फ हिन्दी को बचाने का ही नहीं है सवाल हिन्दी के साथ प्रत्येक भारतीय भाषाओं की अस्मिता को संरक्षित रखने का है। जाहिर है यह काम सरकार का नहीं वरन एक अरब से अधिक भारतीय जन सैलाब का है।
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