सत्ता संघर्ष के लिए नया घमासान जारी है.बी जे पी की रथ यात्रा जारी है. रथ यात्रा ने बी जे पी को सत्ता के शीर्ष तक पहुँचाया था. अब रथ के घोड़े बूढ़े हो चुके हैं. वे थके थके से नज़र आ रहे हैं.उमा भारती भी अब बहुत विश्वसनीय नहीं रह गई हैं.कल्याण सिंह भी भी बेवफाई पर अमादा हैं. आडवाणी भी तुष्टीकरण की राजनीति को खंगाल चुके हैं.मुलायम सिंह ka नया विकल्प डॉ अयूब मुसलमानों को मिल चुका है.मायावती भी बुतपरस्त हैं.सामाजिक न्याय ka ताना बना गड़बड़ा गया है.कांग्रेस यू पी में सत्ता हासिल करने के लिए बेताब है.सत्ता संघर्ष में पौ बारह किसी की नहीं होगी. जय हो!
सच कहा शोध में पैर छूने की प्रवत्ति पर विराम लगना चाहिए/
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