वाल्मीकि किसी ब्राह्मन कुल में उत्पन्न हुए मनुष्य नहीं थे बल्कि वे सामाजिक स्तरीकरण के सबसे निचले पायदान से आते थेl जंगल में घूमते घूमते किसी ने क्रौच का वध किया हो; संभव है कि घुमंतू जाति के वाल्मीकि ने उक्त दृश्य को देखा हो और उनका परिवर्तित ह्रदय कविता की पराकाष्ठा पर पहुंचकर महामानव, आदिकवि और अद्वितीय कवि के रूप में प्रतिष्ठित हुआ हो l
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