Saturday, 11 February 2012

faseevad

फ़ासीवाद जिंदा है-
लोकतंत्र में  
इतिहास के
पन्नों को 
पलटकर
देखिए
वहां 
सरकारों 
पर फासीवादी
स्याही के 
लाल निशान 
और 
धब्बे हैं!  

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