साथियों! सुप्रभात. सुबह की सतरंगी किरणें जीवन में एक नए उत्साह का संचार करती हैं. खेतों में खिले हुए पीली सरसों के फूल बसंत के बसंत के आगमन पर उल्लसित हैं. देखिए! आज वे किस तरह किरणों की धुन पर थिरक रहे हैं. बसंत के आगमन पर आप सभी के लिए दो पंक्तियाँ समर्पित हैं-
मेरे गीतों में बसंत का स्वर दो!
ऐसे उल्लास का छंद रच दो! l विनय कांत l l
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