सवाल दर सवाल-
भारत का नागरिक होने के नाते मुझे मत देने और मतदान करने का अधिकार है। विलुप्त हो रही प्रशासनिक दक्षता के बीच मोदी ने अपनी कार्यक्षमता का परिचय दिया है। मैं न तो आर एस एस का हूँ और न ही बी जे पी अथवा किसी अन्य सियासी दल का, लेकिन एक बात जो देखता हूँ उसे साफगोई से कहने में कोई गुरेज भी नहीं है। मोदी में विकासात्मक प्रतिबद्धता, राजनैतिक चातुर्य और संकल्पित राजधर्म है। हिन्दुस्तान के एक हज़ार वर्षों के इतिहास में हिन्दू उत्पीड़न की ढेर सारी घटनाएँ हैं जबकि इस्लामिक उत्पीड़न की महज एक घटना जो हादसा थी। यह जो इस्लामिक कट्टरपंथी ताकतें हैं, उनसे सिर्फ एक सवाल कि मोदी ने गुजरात का विकास धर्म के आधार पर किया? क्या गुजरात की तरक्की से मुसलमानों का लाभ नहीं हुआ ? क्या मुजफ्फर नगर के दंगे के लिए भी मोदी ही जिम्मेदार हैं? क्या आतंकवादियों को इस लिए छोड़ दिया जाना चाहिए कि वे इस्लाम धर्म के मानने वाले हैं ? मोदी के अलावा देश की अथवा उसके राज्यों को सरकारों को न्यायपालिका क्यों संचालित कर रही हैं? मोदी के अलावा देश का कोई नेता भारत माता की जय क्यों नहीं बोलता ? देश की सरकारें इस्लामिक तुष्टीकरण में क्यों जुटी हैं ? इस देश की मेधा शक्ति विदेश जाने को क्यों मजबूर है? क्यों देश के विश्वविद्यालयों में ईमानदारी से शिक्षकों की नियुक्तियां नहीं होती? इस देश की शिक्षा व्यवस्था क्यों बेरोजगारों को पैदा करती है? इसीलिए हमारी निगाह मोदी पर ठिठकती है कि देश के समक्ष ढेर सारी चुनौतियों से वे आम जनता को निजात दिला सकते हैं ?
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