सफलता बनाम असफलता-
जिसके पास कोई सिद्धांत नहीं है उसकी सफलता सुनिश्चित है क्योंकि उसका साध्य सफलता है न कि कोई सिद्धांत। वह प्रत्येक उस बात से समझौता कर लेगा जिससे सफलता मिल सकती हो। इसके विपरीत सिद्धांतवादी का साध्य उसके सिद्धांत अनुरक्षण है सफलता नहीं। अतः सिद्धांतवादी व्यक्ति के सफल होने का प्रश्न ही नहीं उठता।
जिसके पास कोई सिद्धांत नहीं है उसकी सफलता सुनिश्चित है क्योंकि उसका साध्य सफलता है न कि कोई सिद्धांत। वह प्रत्येक उस बात से समझौता कर लेगा जिससे सफलता मिल सकती हो। इसके विपरीत सिद्धांतवादी का साध्य उसके सिद्धांत अनुरक्षण है सफलता नहीं। अतः सिद्धांतवादी व्यक्ति के सफल होने का प्रश्न ही नहीं उठता।
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