देश की राजनीति में पिछड़ी जातियों में वर्चस्व की राजनीति चल रही है। बेनी प्रसाद कुर्मी उप बिरादरी के नेता
के रूप में अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं जबकि मुलायम सिंह यादव का पिछड़ी राजनीति पर वर्चस्व स्थापित है। उत्तर प्रदेश में पिछड़ों की संगठित शक्ति को कांग्रेस बिखेरने का प्रयास कर रही है। पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर विरोध का स्वर मुलायम ने बुलंद किया था तब बेनी प्रसाद कहाँ थे! बिहार के नितीश बाबू भी चुप थे!
के रूप में अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं जबकि मुलायम सिंह यादव का पिछड़ी राजनीति पर वर्चस्व स्थापित है। उत्तर प्रदेश में पिछड़ों की संगठित शक्ति को कांग्रेस बिखेरने का प्रयास कर रही है। पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर विरोध का स्वर मुलायम ने बुलंद किया था तब बेनी प्रसाद कहाँ थे! बिहार के नितीश बाबू भी चुप थे!
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