Monday, 12 March 2012

rajaniti ka naya daur

राजनीति का नया ट्रेंड-
कांग्रेस की हार का कारण पार्टी में एक भी जमीनी नेता का न होना रहा. जिस तरह से बेनी प्रसाद वर्मा और पी एल पुनिया बच्चों की  तरह आपस में ही लड़ते रहे उससे जनता में कांग्रेस की छवि धूमिल हुई. सलमान खुर्शीद, बेनी प्रसाद और अन्य कांग्रेसी नेताओं ने जिस तरह से साम्विधानिक संस्था भारतीय निर्वाचन आयोग के निर्देशों की अवहेलना की, उससे जनता कांग्रेसी उम्मीदवारों से नाराज हो गई. दिग्विजय सिंह भी कांग्रेस की दुर्गति के लिए प्रमुख रूप से जिम्मेदार हैं.कांग्रेस को यह बात समझनी चाहिए कि अब भारतीय राजनीति में हवाई यात्राओं का महत्व नहीं रहा. भारतीय जनता के चूल्हों में लगी आग को शांत करना ही होगा. दूसरे उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की जीत के निहितार्थों का सीधा सा अभिप्राय है कि देश में  वाम राजनीति का परिष्कृत ढंग से उद्भव हो रहा है.भूख अब सियासी मुद्दा है. जाहिर सी बात है कि मंदिर और मस्जिद की राजनीति करने वाले दल रोजी और रोजगार की बात तो कत्तई नहीं करेंगे.

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