किसानों की दुर्दशा शुरू-
उत्तर प्रदेश सहित देश के 5 राज्यों में विधान सभा चुनाव समाप्त होते ही देश की कांग्रेस सरकार ने खाद पर से सब्सिडी हटाना शुरू कर दिया है.मतलब है कि अब पूंजीपतियों को एक बार फिर मुनाफा मिलने जा रहा है.जिस हिसाब से खाद और बीज की कीमत बढ़ती है,उस अनुपात में अनाजों का समर्थन मूल्य अथवा सरकारी कीमतें तय नहीं हो पातीं. तब छोटे किसानों को अपने मेहनत द्वारा
उत्पादित अनाजों को संगठित पूंजीपतियों के रूप में समीप के दूकानदारों को बेचना पड़ता है.जनकल्याणकारी राज्य की अवधारणा को क्षतिग्रस्त करती सरकारों के खिलाफ सड़कों पर हल्लाबोल की जरुरत है.
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