Thursday, 21 May 2015

विनय कांत मिश्र। एक दशक पहले तक गोरखपुर सहित पूर्वांचल की सियासत ठाकुरवाद की चपेट में थी लेकिन राजनीति का क्षत्रियवाद अब कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। इसका कारण आम जनता का सियासत के ठाकुरवाद को ताड़ लेना है। अभी महाराजगंज में फरेन्दा विधानसभा सीट पर उप चुनाव हुआ। यहां बजरंग बहादुर सिंह को समाजवादी पार्टी के विनोद मणि ने पराजित किया। फरेन्दा बी जे पी की परम्परागत सीट रही है। यहां पर राजनीति का क्षत्रियवाद पराजित ही नहीं हुआ बल्कि वह खिसककर तीसरे पायदान पर पहुँच गया।
गौरतलब है कि एक दशक पहले से लेकर 2012 तक गोरखपुर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर में योगी आदित्यनाथ की धाक थी। उक्त जिलों के कुछ विधानसभा सीटों पर योगी अड़ जाते थे लेकिन जिस तरह से 2012 के विधासभा चुनावों में सपा ने अपना झंडा बुलंद किया वह अकारण नहीं था। दरअसल गोरखपुर और बस्ती मंडल ब्राह्मण बाहुल्य क्षेत्र है। ब्राह्मण जिसे वोट करता है चुनाव वही जीतता है। इसका ताजा उदाहरण फरेन्दा विधानसभा के उपचुनावों में विनोद मणि का जीतना है। ब्राह्मणों ने बी जे पी के ठाकुर प्रत्याशी बजरंगी सिंह के खिलाफ मतदान किया।
कुछ ऐसा ही नजारा नगर निकाय के चुनावों में भी था. सिद्धार्थ नगर नगर पालिका में बी जे पी के प्रत्याशी संजय सिंह बने। संजय सिंह के लिए बाबा आदित्यनाथ ने जान लड़ा दिया था। बड़ी मेहनत के बाद भी योगी जी उक्त सीट पर बी जे पी के क्षत्रिय प्रत्याशी को विजयश्री नहीं दिलवा सके। हालांकि यह सीट भी बी जे पी के कब्जे में थी। यहां से घनश्याम जायसवाल चुनाव जीतते रहे थे। यहां भी ब्राह्मण मतदाता निर्णायक रहे थे। गोरखपुर के आस पास के जिलों में योगी जी उन्हीं क्षेत्रों में चुनाव प्रचार पर निकलते हैं जहां का बी जे पी उम्मीदवार क्षत्रिय उपबिरादरी का होता है। पिछले विधानसभा चुनाव योगी जी का ही सियासी प्रभुत्व था जिसकी वजह से राघवेन्द्र सिंह को डुमरियागंज विधानसभा सीट से बी जे पी का उम्मीदवार बनाया गया। योगी जी ने मुस्लिम बहुल क्षेत्र में धुंआधार चुनाव प्रचार किया लेकिन सपा के राम कुमार यादव उर्फ़ चिनकू यादव के पक्ष में हुई जातिवादी लामबंदी को नहीं रोक पाये। यहां क्षत्रिय प्रत्याशी के खिलाफ पिछड़ी बिरादरी मतदाता लामबंद थे। जहां डुमरियागंज में योगी जी ने ताबड़तोड़ जनसभाएं कीं वहीं उत्तर प्रदेश के 2012 के विधासभा चुनावों में योगी जी ने कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी श्री राम चौहान के पक्ष में उतनी जनसभाएं नहीं कीं। 
  1.               इतना ही नहीं महंत आदित्यनाथ ने हिन्दू युवा वाहिनी में ठाकुर उपबिरादरी के लोगों को ही जिलाध्यक्ष पद पर सुशोभित किया है। दो एक अपवाद हैं ।   योगी जी के  क्षत्रिय प्रेम के जगजाहिर हो जाने के बाद अन्य बिरादरियों के मतदाता उनके द्वारा समर्थित ठाकुर उपबिरादरी के उम्मीदवार से कन्नी काटते हैं। 
 हिन्दू युवा वाहिनी 

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