देश के युवाओं को काम चाहिए-
भारतीय सियासत मुफ्तखोरी सिखलाती है। सियासी दल आम जनता से वादे करते हैं कि हमारी सरकार बनने पर राज्य अथवा राष्ट्र में मुफ्त में अनाज वितरित होंगे। इस मुल्क की अवाम को "मुफ्तखोरी" नहीं बल्कि काम चाहिए। राष्ट्र की वर्त्तमान राजनीति को "कर्मशील भारत" का स्वप्न देखना चाहिए।कर्मशील स्वप्न से ही नक्सलवाद जैसी कई समस्याओं का अंत सम्भव है।
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