रहस्यों में हैं भारत भाग्य विधाता-
मुझे नहीं लगता कि मोदी नए भारत भाग्य विधाता होंगे। वह लोक तंत्र जो पैसे के जोर पर चलता हो, जहां ग्राम प्रधानी से लेकर सांसदी तक के निर्वाचन में शराब की निर्णायक भूमिका हो; उस लोक तंत्र का भविष्य आसानी से आंका जा सकता है। सवाल मोदी की सभा में भव्य मंच का है। फ़िल्मी हीरो की तरह उनकी सभाओं के लिए टिकट लगते हैं। सोच लीजिए पद अर्जित करने के पहले ही यह हाल है जब वे प्रधानमंत्री बन जायेंगे तब न जाने किस किस पर टिकट लगेगा। साथियों! आप बता सकते हैं कि चुनावी जन सभाओं के पूर्व स्वतंत्र भारत के इतिहास में प्रधान मंत्री पद के किसी उम्मीदवार की किसी भी जन सभा में किसी भी तरह का टिकट लगाया गया हो।
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