बी जे पी राजनाथ खुद नहीं चाहते कि मोदी प्रधानमंत्री बनें-
सूत्र बताते हैं कि राजनाथ सिंह खुद नहीं चाहते कि बी जे पी को स्पष्ट जनादेश मिले, कारण यदि बी जे पी को पूर्ण बहुमत मिला तभी मोदी प्रधान मंत्री बन पाएंगे अन्यथा जोड़ तोड़ और गठबंधन की दशा में राजनाथ ही ही प्रधान मंत्री पद के साझा दावेदार होंगे। राजनाथ ने किस तरह से कल्याण सिंह के पर कतरे थे, सभी को याद होगा! लोकसभा के टिकट वितरण में बी जे पी के जनाधार वाले नेताओं को किस तरह डिस्टर्ब किया गया है। किस तरह बलिया से लेकर बाराबंकी तक के भौगोलिक क्षेत्र में सियासी क्षत्रप की परम्परा को कायम रखा गया है। राम विलास वेदांती को डिस्टर्ब किया गया। सूर्य प्रताप शाही डिस्टर्ब किये गए। लाल जी टंडन बेकार हो गए। राजनाथ सिंह गाज़ियाबाद से सांसद निर्वाचित होने के बाद क्षेत्र में कम घूमे। उनकी मजबूरी है कि वे गाज़ियाबाद से हट जाते। मुरली मनोहर जोशी को उपेक्षित किया गया। मोदी के लिए विपक्ष नहीं बल्कि राजनाथ ही काफी हैं!
सूत्र बताते हैं कि राजनाथ सिंह खुद नहीं चाहते कि बी जे पी को स्पष्ट जनादेश मिले, कारण यदि बी जे पी को पूर्ण बहुमत मिला तभी मोदी प्रधान मंत्री बन पाएंगे अन्यथा जोड़ तोड़ और गठबंधन की दशा में राजनाथ ही ही प्रधान मंत्री पद के साझा दावेदार होंगे। राजनाथ ने किस तरह से कल्याण सिंह के पर कतरे थे, सभी को याद होगा! लोकसभा के टिकट वितरण में बी जे पी के जनाधार वाले नेताओं को किस तरह डिस्टर्ब किया गया है। किस तरह बलिया से लेकर बाराबंकी तक के भौगोलिक क्षेत्र में सियासी क्षत्रप की परम्परा को कायम रखा गया है। राम विलास वेदांती को डिस्टर्ब किया गया। सूर्य प्रताप शाही डिस्टर्ब किये गए। लाल जी टंडन बेकार हो गए। राजनाथ सिंह गाज़ियाबाद से सांसद निर्वाचित होने के बाद क्षेत्र में कम घूमे। उनकी मजबूरी है कि वे गाज़ियाबाद से हट जाते। मुरली मनोहर जोशी को उपेक्षित किया गया। मोदी के लिए विपक्ष नहीं बल्कि राजनाथ ही काफी हैं!
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