मकसद गलत है-
पुलिस और जांच एजेंसियों का इस्तेमाल जनहित में होना चाहिए न कि विरोधी सियासी दलों के उत्पीड़न के लिए। द्रमुक ने जब तक कांग्रेस का साथ दिया तब तक वह ईमानदार था, समर्थन वापस लेते ही वह बेईमान कैसे हो गया? समाजवादी पार्टी भी सी बी आई और अन्यान्य जांच एजेंसियों के इस्तेमाल से भयभीत है वरना अब तक समर्थन वापस हो चुका होता।