यह नेताओं की सियासी फ़ितरत है-
विनय कांत मिश्र। भारतीय राजनीति इन दिनों उल्टी टंगी है। सत्ता सुख हासिल कर रहे नेताओं की दलीय प्रतिबद्धता का कोई मतलब नहीं है। संसद में सांसद के रूप में प्रवेश की मनः स्थिति ने नेताओं को दोगली राजनीति का शिकार बनाया है। एक दर्जन से अधिक कांग्रेसी नेता इन दिनों मोदी के तलवे चाटने के लिए बेताब है। 2 मार्च को लखनऊ की रैली में सियासी बेशर्मी की हदें पार होंगी। कई नेता पाला बदल कर इस पार से उस पार जाएंगे।
किसी जमाने में कांग्रेस